कृषि विभाग
त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम (ए.एम.डी.पी.)
त्वरित मक्का विकास कार्यक्रम (ए.एम.डी.पी.) : रिक्त भूमि एवं जायद में बोरो धान की खेती को प्रतिस्थापित करने के साथ ही कृषकों में अतिरिक्त आय के लिए प्रोत्साहित करने हेतु मक्का की खेती को बढ़ावा देने हेतु यह योजना संचालित की जा रही है। उन्नत तकनीकी प्रदर्शन देशी मक्का/संकर मक्का/पॉपकार्न मक्का के प्रदर्शन हेतु रू0 2400 प्रति एकड एवं बेबीकॉर्न मक्का हेतु रू0 16,000 एवं स्वीटकॉर्न मक्का हेतु रू0 20,000…
कृषक उत्पादक संगठन
कृषक उत्पादक संगठन : लघु एवं सीमान्त कृषकों को उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा कृषकों की आय में वृद्धि के साथ उनके सामाजिक आर्थिक उत्थान / प्रगति के दूरदर्शी लक्ष्यों को साकार करने हेतु कृषकों को कृषक उत्पादक संगठनों (एफ०पी०ओ०) के रूप में संगठित कर उनकी आय में वृद्धि का प्रयास किया जा रहा है। इस प्रकार दृष्टि योजना के अन्तर्गत बीज विधायन संयंत्र एवं भण्डार गृह के निर्माण हेतु प्रति…
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पी.एम. किसान) योजना
पात्रता : जिसके पास कृषि भूमि है। कृषक को अपना आधार कार्ड, खतौनी की नकल एवं बचत खाते की पासबुक, अपना और पता सहित घोषणा पत्र भरकर जन सुविधा केन्द्र के माध्यम से पंजीकृत कराना होता है। लाभार्थी कृषक को फार्मर रजिस्ट्री कराना अनिवार्य है। योजनान्तर्गत वर्ष में रू0 6000.00 प्रति कृषक परिवार के बैंक खाते में धनराशि 3 समान किस्तों में दी जाती है।
नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
प्रत्येक क्लस्टर 50 हे0 क्षेत्रफल तथा न्यूनतम 125 कृषक । सामान्यतः एक ग्राम पंचायत में 01 क्लस्टर। प्रत्येक क्लस्टर पर 02 कृषि सखी को स्वयं सहायता समूह (SHG) का सदस्य होना आवश्यक है। प्रत्येक कृषि सखी को रू० 00 प्रति माह देय। कृषि सखी का चयन जनपद स्तरीय निगरानी समिति (DLMC) द्वारा किया जायेगा।
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी०एम० कुसुम) योजना
प्रधानमंत्री किसान ऊर्जा सुरक्षा एवं उत्थान महाभियान (पी०एम० कुसुम) योजना योजनान्तर्गत वर्ष 2025-26 में 2 एच०पी० डीसी / ए०सी० सर्फेस, 2 से 7.5 एच०पी० डीसी / ए०सी० सबमर्सिबल सोलर सिंचाई पम्प पर 60 प्रतिशत अनुदान दिया जा रहा है। योजना का लाभ उठाने हेतु कृषकों का विभागीय वेबसाइट www.agriculture.up.gov.in पर पंजीकरण होना अनिवार्य है।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना
यह योजना प्रदेश के ग्राम पंचायत स्तर तक संचालित की जा रही है। योजना में प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों से क्षति की स्थिति में कृषकों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायतान्तर्गत ऋणी एवं गैर-ऋणी किसानों हेतु स्वैच्छिक आधार पर लागू की गयी है। सभी फसलों हेतु कृषक द्वारा वहन किये जाने वाले प्रीमियम दर की खरीफ में बीमित राशि का 2 प्रतिशत तथा रबी में बीमित राशि का…
राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत वर्षा जल संचयन हेतु खेत-तालाब की योजनान्तर्गत
योजनान्तर्गत लघु तालाब का आकार 22 x 20 x 3 मीटर प्रति तालाब लागत रू० 1,05,000.00 एवं प्रति तालाब अनुदान रू0 52,500.00 है। अनुदान का भुगतान लाभार्थी कृषकों के खातों में डी०बी०टी० द्वारा 2 किस्तों (75 प्रतिशत एवं 25 प्रतिशत) तथा प्रति लघु तालाब से 0 हेक्टेयर फसल की सिंचाई की जाती है एवं सम्पूर्ण तालाबों को जियो टैगिंग करायी गई है। सम्पर्क अधिकारी – श्री विकास कुमार पदनाम -…
उत्तर प्रदेश में जैविक खेती के प्रोत्साहन की योजना
उत्तर प्रदेश में जैविक खेती के प्रोत्साहन की योजना इस योजना के अन्तर्गत किसानों को प्रथम वर्ष रू० 4800 प्रति एकड़, द्वितीय वर्ष रू० 4000 प्रति एकड़ एवं तृतीय वर्ष रू0 3600 प्रति एकड़, कुल रु० 12.400 प्रति एकड़ तीन वर्षों में अनुदान दिया जा रहा है। यह योजना प्रदेश के 52 जनपदों के 1200 क्लस्टरों में संचालित है।
रेनफेड एरिया डेवलपमेण्ट (आर०ए०डी०)
रेनफेड एरिया डेवलपमेण्ट (आर०ए०डी०) वर्षा सिचिंत क्षेत्रों की कृषि उत्पादकता में सतत् वृद्धि करने के लिए समुचित फार्म पद्धति प्रणाली (जिसमे बागवानी, पशुधन, मत्स्य, कृषि वानिकी, मधुमक्खी पालन आदि सम्मिलित है) को अपनाना है। एकीकृत फसल पद्धति (आई०एफ०एस०) पशुधन आधारित (छोटे पशु/पक्षी), दुग्ध आधारित, उद्यान आधारित व मौन पालन, वानिकी आधारित खेती हेतु रू0 30,000 प्रति कृषक परिवार को अनुदान दिया जा रहा है। प्रशिक्षण: रू0 10.000 प्रति क्लस्टर प्रशिक्षण…
प्रमोशन आफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फार इन सीटू मैनेजमेन्ट आफ क्रॉप रेज्ड्यू योजना
एकल कृषि यन्त्रों पर कृषकों को कृषि यन्त्रों के मूल्य का 50 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है। कस्टम हायरिंग सेन्टर की स्थापना ग्रामीण उद्यमी परियोजना लागत का रू0 30 लाख का 80 प्रतिशत या अधिकतम 24 लाख रू० अनुमन्य है।