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प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना

 यह योजना प्रदेश के ग्राम पंचायत स्तर तक संचालित की जा रही है। योजना में प्राकृतिक आपदाओं, रोगों, कृमियों से क्षति की स्थिति में कृषकों को बीमा कवर के रूप में वित्तीय सहायतान्तर्गत ऋणी एवं गैर-ऋणी किसानों हेतु स्वैच्छिक आधार पर लागू की गयी है। सभी फसलों हेतु कृषक द्वारा वहन किये जाने वाले प्रीमियम दर की खरीफ में बीमित राशि का 2 प्रतिशत तथा रबी में बीमित राशि का 1.5 प्रतिशत तथा खरीफ / रबी की वार्षिक नगदी फसल हेतु बीमित राशि का 5 प्रतिशत की अधिकतम दर तक सीमित रखा गया है। फसलवार बीमा कराने की अन्तिम तिथि खरीफ 31 जुलाई एवं रबी 31 दिसम्बर है। प्रतिकूल मौसमीय स्थितियों से ग्राम पंचायत में 75 प्रतिशत से अधिक क्षेत्र में फसलों की बुवाई न कर पाने/असफल बुवाई की स्थिति में आपदा की स्थिति तक उत्पादन लागत में व्यय के अनुरूप कृषकों को बीमित राशि के अधिकतम 25 प्रतिशत तक क्षतिपूर्ति देय होती है। फसल की कटाई के उपरान्त आगामी 14 दिनों की अवधि में खेत में सुखाई हेतु रखी फसल को ओला वृष्टि, चक्रवात, बेमौसम / चक्रवाती वर्षा से क्षति की स्थिति में व्यक्तिगत कृषक के स्तर पर क्षति का आंकलन कर क्षतिपूर्ति प्रदान की जाती है। फसल की मध्य अवस्था तक ग्राम पंचायत में 50 प्रतिशत से अधिक उपज में क्षति की स्थिति में कृषकों को संभावित क्षतिपूर्ति के अधिकतम 25 प्रतिशत तक आंशिक क्षतिपूर्ति तात्कालिक सहायता के रूप में प्रदान की जाती है।