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मत्स्य विभाग, गाजियाबाद में वर्ष 2025-26 संचालित योजनाऐं

  1. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना –  इस योजना में तालाब निर्माण हेतु मत्स्य पालकों को सामान्य वर्ग व अन्य पिछडा वर्ग को 40 प्रतिशत अनुदान एवं महिला वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग को 60 प्रतिशत अनुदान देय है। तालाबों मे मत्स्य पालन कर मत्स्य उत्पादन में वृद्वि करना ।
  2. मुख्यमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना – ग्राम सभा व पटटे के तालाबों में मत्स्य पालन हेतु मत्स्य पालको को सामान्य वर्ग,महिला वर्ग एवं अनुसूचित जाति वर्ग को 40 प्रतिशत अनुदान देय है।
    तालाबों मे मत्स्य पालन कर मत्स्य उत्पादन में वृद्वि करना ।
  3. निषादराज बोट योजना – मत्स्य पालकों को लकडी की नाव क्रय करने हेतु सामान्य वर्ग को 40 प्रतिशत एवं महिला वर्ग व अनुसूचित जाति वर्ग को 60 प्रतिशत अनुदान देय है।
  4. सघन मत्स्य पालन हेतु एयरेशन सिस्टम की योजना – मत्स्य पालकों को सघन मत्स्य पलन हेतु तालाब में एरियेटर क्रय करने हेतु सामान्य वर्ग को 50 प्रतिशत एवं महिला वर्ग व अनुसूचित जाति को 60 प्रतिशत अनुदान देय है।
  5. किसान क्रेडिट कार्ड – इस योजना में मत्स्य पालको को कम ब्याज दर पर ऋण दिलाने हेतु बैंक को प्रस्ताव तैयार कर किसान क्रेडिट कार्ड (के0सी0सी) के लिये लोन निर्गत कराया जाता है।
  6. एन0एफ0डी0पी0 –  इस योजना में मत्स्य पालको का पंजीकरण नैशनल फिशरीज डवलपमेन्ट प्लेटफोम (एन0एफ0डी0पी0) में रजिस्टेशन कराया जाता है।
  7. प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृधि सह योजना – यह योजना केन्द्रीय स्तर की उप योजना प्रधानमंत्री मत्स्य किसान समृद्वि सह योजना वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2026-27 तक केन्द्र सरकार द्वारा संचालित की जा रही है। योजना पात्र लाभार्थी, प्रमुख घटक ,मापदंड निम्नानुसार है।
    लक्षित लाभार्थीः-
    मछुआरे, मत्स्य किसान ,मत्स्य पालक श्रमिक, मत्स्य विक्रेता अथवा ऐसे अन्य लोग, जो सीघे मत्स्य पालन व्यवसाय की मूल्य श्रृखला में सक्रिय हो ।मत्स्य पालन से संबद्व एकल स्वामित्व , साझेदारी की इकाइयॉ और भारत में पंजीकृत कम्पनीयॉ , समितियों सीमित देयता साझेदारी(एल0एल0पी) की इकाइयॉ , सहकारी समितियॉ ,विभिन्न संघ , स्वंय सहायता समूह (SGH) जैसे ग्राम स्तरीय संगठन , मत्स्योत्पादक , किसान उत्पादन संगठन ( FFPO) और मत्स्य पालन एवं जलीय कृषि मूल्य श्रंृखला में सक्रिय नवीन उ़द्यम आदि।
    प्रमुख घटकः-
    1- मात्सियकी क्षेत्र का सुव्यवस्थिकरण करने के लिये छथ्क्च् पार्टल पर सक्रिय मत्स्य पालकों का पंजिकरण कराया जा रहा है।
    2- जलीय कृषि बीमा सुविधा।
    3- मत्स्य पालन क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला दक्षताओं में सुधार के लिए सूक्ष्म उद्यम उद्यमों का समर्थन।
    4- मछली और मत्स्य उत्पादन सुरक्षा और गुणवता आश्वासन प्रणालियों का अपनाना।
  8. उ0प्र0 मत्स्य पालन कल्याण कोष – प्रदेश में प्रथमवार गरीब निर्धन एवं आश्यहीन मछुआ /मत्स्य पालकों का अर्थिक एवं सामाजिक उत्थान एवं बेरोजगार व्यक्तियो को स्वरोजगार के अवसर।
    1- मछुआ बाहुल्य ग्रामों मं अवस्थापन सुविधाऐ।
    2-दैवीय आपदा से हुई क्षति से मत्स्य पालन /मछुआ परिवार को वित्तीय सहायता।
    3- वैवाहिक सहायता।
    4- शिक्षा सहायता (कोचिंग,कौशल, उन्नयन, छात्रवृति आदि)
    5- चिकित्सा सहायता।
    6- वृद्वावस्था सहायता।
    7’ केन्द्र सरकार/राज्य सरकार द्वारा निर्धारित क्षेत्रफल एवं कोष के अनुसार एकल आवास सहित मछुआ आवास निर्माण सहायता की भी अनुज्ञा प्रदान की जायेगाी।
    8- मत्स्य पालकों/मछुओं को प्रशिक्षण ,उच्च तकनीकी ज्ञान प्रदान कराने हेतु अन्तराज्यीय भम्रण ,दक्षता ,विकास प्रदर्शनी, सेमीनार पर कुल कोष की दो प्रतिशत धनराशि का सशक्तिकरण(माता सुकेता योजना)
    9- मछली पकडने के जाल/उपकरणों /मछली बिक्री संचालन हेतु मोपेड आइस बॉक्स सहित आदि की सुविधा उपलब्ध कराना।
    10- मत्स्य सम्बन्धी गतिविधियांे के अल्पकालीन तथा दीर्घ कालीन बैंक ऋण/मत्स्य क्रेडिट कार्ड के बैंक ब्याज पर अनुदान । बैंक ब्याज पर अनुदान की दरे उ0प्र0 सरकार द्वारा निर्धारित की जायगी।
    11- जल जीव पालन गतिविधियों हेतु विधुत की दरों पर अनुदान देय।
  9. ग्राम समाज के तालाबो का पट्टा – मत्स्य पालन हेतु 10 वर्षीय ग्राम सभा के पटटे आवंटन किये जाते है ।
  10. नदियों के खण्डो की नीलामी – जनपद में नदियों की नीलामी योजना
    संचालित नही है।
  11. विभागीय जलाश्य – मसूरी जलाशय श्रेणी पॉच
    सौदा जलाशय श्रेणी पॉच
  12. मत्स्य प्रक्षेत्र पर मत्स्य बीज उत्पादन – जनपद में मत्स्य प्रक्षेत्र उत्पादन योजना संचालित नही है।
  13. रिवर रैंचिंग योजना  – जनपद में रिवर रैचिंग योजना संचालित नही है।
  14. प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनान्तर्गत धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान योजना  – भारत सरकार द्वारा यह नवीन संचालित की गई हैं।
    1- यह योजना 5 वर्ष यथा 2024-25 से 2028-29 हेतु प्रारम्भ की गई है।
    2- इस योजना में 90 प्रतिशत शासकीय सहायता एवं 10 प्रतिशत लाभार्थी अंश निहित है।
    3- इस योजना में प्रदेश के जनजातिय बाहुल्य ग्रामों हेतु संचालित की जा रही है। भारत सरकार द्वारा प्रेषित गाईडलाईन्स के साथ प्रदेश में 26 जनपदों की 517 ग्रामों की सूची उपलब्ध करायी गई है।
    4- वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु प्रदेश के आठ जनपदों यथा सोनभ्रद , लखीमपुर खीरी ,बलरामपुर, बहराइच, श्रावस्ती,ललितपुर, कुशीनगर एवं देवरिया से कुल धनराशि 33.9840 करोड की परियोजना लागत के प्रस्ताव उपलब्ध कराये गये है।
    5- उपरोक्त प्रस्ताव का SLMAC अनुमोदित कराते हुए भारत सरकार को स्वीकृति हेतु प्रेषित किये जा चुके है।

सम्पर्क अधिकारी –  सहायक निदेशक मत्सय , गाजियाबाद ।

मो0न0 – 8931022068

वेबसाइड लिंक – https://fisheries.up.gov.in/

सम्पर्क हेतु पता – प्रथम तल विकास भवन रूम नं0 216 व 225 विकास भवन गाजियाबाद ।